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March 7, 2026 2:33 pm

सीओ ने कहा मुझे गिरफ्तार करो नहीं तो पुलिस पर कारवाई हो 

सीओ ने कहा मुझे गिरफ्तार करो नहीं तो पुलिस पर कारवाई हो

बिहार के जमुई में अंचलाधिकारी और थानेदार आमने-सामने आ गए हैं. पुलिस के रुख से नाराज सीओ निर्भय प्रताप सिंह अचानक टाउन थाना पहुंच गए और मांग कर दी कि उनको गिरफ्तार कर लिया जाए. हालांकि थानाध्यक्ष अमरेंद्र कुमार ने उन्हें काफी समझाने की कोशिश की लेकिन वह इस बात पर अड़े रहे कि या तो दोषी पुलिसकर्मियों पर एक्शन हो या फिर उनको अरेस्ट कर हवालात में डाल दिया जाए.

तिरंगा यात्रा निकालना चाहते थे सीओ: दरअसल, निर्भय प्रताप सिंह ने ‘नेचर विलेज’ नाम से एक संस्था भी चलाते हैं. इसके माध्यम से वह ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के बीच स्वच्छता, शिक्षा, स्वरोजगार, महिला सशक्तिकरण और नशामुक्ति जैसे विषयों पर जागरूकता अभियान चलाते हैं. 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस पर वह ‘शौर्य तिरंगा यात्रा’ निकालना चाहते थे. बड़ी तादाद में लोग उनके साथ उस यात्रा में शामिल होने के लिऐ पहुंचे थे लेकिन पुलिस ने उनको अनुमति नहीं दी.

तिरंगा यात्रा से क्यों रोका?: निर्भय प्रताप सिंह ने बताया कि तिरंगा यात्रा निकालने से पहले उन्होंने जमुई अनुमंडल पदाधिकारी को आवेदन दे दिया था लेकिन यात्रा निकलने के दिन जमुई पुलिस ने यात्रा को रोकने की कोशिश की. वहीं, जब थानाध्यक्ष से फोन पर बात हुई मीडियाकर्मियों के सामने ही धमकी दी गई कि आदेश नहीं माना तो एफआईआर कर देंगे. इसके बाद सीओ अपने समर्थकों के साथ टाउन थाना पहुंच गए
थानेदार के साथ सीओ की बहस: थाने में सीओ निर्भय प्रताप सिंह की थानाध्यक्ष अमरेंद्र कुमार से तीखी बहस हो गई. हालांकि थानेदार लगातार उनको समझाने का प्रयास करते रहे लेकिन सीओ इतने गुस्से में थे कि वह फौरन एक्शन चाहते थे. उन्होंने कहा कि अगर तिरंगा यात्रा निकालना भारत में अपराध है तो मुझे गिरफ्तार कर लिया जाए.
दोषी अधिकारी पर एक्शन हो: वहीं, अपनी बातों को लेकर अंचलाधिकारी थाने से निकलकर अनुमंडल पदाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और जिलाधिकारी कार्यालय भी गए लेकिन स्वतंत्रता दिवस के कारण सभी कार्यालय बंद मिले. उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि वह वरीय पदाधिकारी से मिलकर अपनी बात रखेंगे कि मामले की जांच की जाए और जो भी दोषी हो, उसपर तुरंत कार्रवाई की जाए.

“भारत में तिरंगा यात्रा नहीं निकालेंगे तो कहां निकालेंगे. भारत में पाकिस्तान का कानून नहीं चल सकता. आवेदन देने के बाद भी हमें तिरंगा यात्रा से रोका गया. जब पुलिस पदाधिकारी से फोन पर बात किया तो हमें धमकाते हुए कहा कि केस कर देंगे. आवेदन दिया है तो क्या हो गया रे. जब एक अंचलाधिकारी से थानेदार इस प्रकार बात कर सकता है तो आम लोगों से किस प्रकार बात की जाती होगी.”- निर्भय प्रताप सिंह, अंचलाधिकारी
अंचलाधिकारी निर्भय प्रताप सिंह इस घटना से इतने दुखी हैं कि तमाम पत्रकारों के सामने ही अपने पद से इस्तीफे की घोषणा कर दी. उन्होंने कहा कि आज अपने पद से इस्तीफा देता हूं. कागजात विभाग को भेज दूंगा और थाने जा रहा हूं, अगर हमने कोई गलत काम किया है तो मुझे अरेस्ट करे या फिर थानाध्यक्ष दोषी हैं तो वरीय पदाधिकारी उन पर कार्रवाई करें. आपको बताएं कि निर्भय लक्ष्मीपुर प्रखंड के अंचलाधिकारी थे लेकिन हाल में ही उनका तबादला हो गया है.

K k sanjay
Author: K k sanjay

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