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March 16, 2026 8:41 am

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के डैनी चौक स्थित सेवाकेंद्र कल्याणकारी भवन में 90वां त्रिमूर्ति शिव जयंती महोत्सव

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के डैनी चौक स्थित सेवाकेंद्र कल्याणकारी भवन में 90वां त्रिमूर्ति शिव जयंती महोत्सव बड़े ही हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया। इसका उद्घाटन दीप प्रज्ज्वलन द्वारा प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ सीपी गुप्ता, डॉ राजीव कुमार, समस्तीपुर से पधारे कृष्ण भाई, सविता बहन, प्रमुख व्यवसायी सतीश चांदना एवं सुशील चमड़िया द्वारा सामूहिक रूप से किया गया।

इस शुभ अवसर पर समस्तीपुर से पधारे कृष्ण भाईजी ने कहा कि शिव जयंती परमपिता परमात्मा शिव के अवतरण का महान् यादगार पर्व है। जिसके लिए गायन है ज्ञान सूर्य प्रगटा, अज्ञान अंधेर विनाश। जब विश्व में विकारों के कारण अज्ञानता की अंधियारी रात छा जाती है, तब ज्ञान सूर्य परमात्मा आकर सत्य ज्ञान का प्रकाश देते हैं जिससे अज्ञानता का अंधकार छंटता जाता है और मनुष्य आत्माएं फिर से पावन व स्वच्छ बन जाती हैं। यह सृष्टि भी सतोप्रधान स्वर्ग बन जाती है जिसमें देवी- देवताओं का वास होता है। उन्होंने कहा- परमात्मा शिव को त्रिमूर्ति शिव भी कहते हैं क्योंकि वे ब्रह्मा, विष्णु, शंकर- इन तीनों देवताओं के रचयिता हैं। वे त्रिलोकी नाथ हैं क्योंकि निराकारी दुनिया ब्रह्मलोक, आकारी दुनिया सूक्ष्मलोक और साकारी दुनिया साकार मनुष्य लोक- तीनों के वे नाथ हैं। परमात्मा शिव त्रिकालदर्शी हैं क्योंकि वे सृष्टि के आदि-मध्य-अंत – तीनों को देखने अर्थात् जानने वाले हैं। त्रिमूर्ति, त्रिकालदर्शी, त्रिलोकीनाथ शिव बाबा का तीन संदेश है- बीती को बिंदी लगाओ, स्वयं को बिंदी आत्मा समझो और मुझ बिंदी परमात्मा को याद करो तो मैं तुम्हें सभी पापों से मुक्त कर 21 जन्मों के लिए सुख-शांति-समृद्धि से संपन्न राज्य दूंगा।

सविता बहन ने कहा- शिवलिंग पर भांग- धतूरा- अक आदि विषैली चीजें चढ़ाने का तात्पर्य यह है कि परमात्मा शिव हम आत्माओं के अंदर विषय-विकार रूपी विषैली चीजों को निकालते हैं और बदले में हमें दिव्य गुणों की मूर्ति बना देते हैं। इसकी सहज विधि राजयोग है, जो स्वयं परमात्मा आकर हमें सिखा रहे हैं।

आगंतुक अतिथियों का बुके, बैज एवं शब्दों से स्वागत पूजा बहन ने किया। कार्यक्रम का कुशलतापूर्वक संचालन ब्रह्माकुमारी सोनिका बहन ने किया।

कार्यक्रम के अंत में शिव ध्वजारोहण किया गया व सभी से इस मौके पर शुभ संकल्प करवाए गए एवं सभी को प्रसाद वितरण किया गया।

मुख्य रूप से विद्यासागर जी, शैलेंद्र जी, सुमित चमड़िया सहित सैकड़ों लोग मौजूद थे।

उक्त स्थान पर तीन दिवसीय आध्यात्मिक प्रदर्शनी एवं मेडिटेशन शिविर का आयोजन प्रातः 10 से संध्या 5 बजे तक किया गया है।

K k sanjay
Author: K k sanjay

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