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April 16, 2026 10:03 pm

PMFME Scheme से गांव की महिला बनी सफल उद्यमी: प्रेमलता पाटीदार हर महीने कमा रहीं 3 लाख रुपये, जानिए पूरा मॉडल”

PMFME Scheme से गांव की महिला बनी सफल उद्यमी: प्रेमलता पाटीदार हर महीने कमा रहीं 3 लाख रुपये, जानिए पूरा मॉडल”

 

प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) से नीमच की प्रेमलता पाटीदार ने 23 लाख की लागत से उद्योग शुरू कर हर महीने 2–3 लाख रुपये कमाना शुरू किया। जानिए लोन, सब्सिडी और आवेदन प्रक्रिया।

गांव की महिला से सफल उद्योगपति तक का सफर
छोटे गांवों और कस्बों की कई महिलाएं आर्थिक तंगी के कारण अपना व्यवसाय शुरू नहीं कर पातीं। लेकिन प्रेमलता पाटीदार ने यह साबित कर दिया कि सही योजना और मेहनत से आत्मनिर्भर बना जा सकता है।
मध्य प्रदेश के नीमच जिला के बमोरा गांव की रहने वाली प्रेमलता पहले घरेलू जिम्मेदारियों तक सीमित थीं, लेकिन आज वे एक सफल उद्यमी हैं।

PMFME योजना ने बदली किस्मत
उन्हें उद्यानिकी विभाग के माध्यम से प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME Scheme) की जानकारी मिली।

उन्होंने योजना के तहत: कुल परियोजना लागत: ₹23.61 लाख
बैंक लोन: ₹20 लाख (भारतीय स्टेट बैंक, जीरन शाखा)
सरकारी अनुदान: ₹8.26 लाख
‘बालाजी उद्योग’ से ‘गोपाल कृष्ण’ ब्रांड तक
प्रेमलता ने ‘बालाजी उद्योग’ नाम से खाद्य तेल प्रसंस्करण इकाई शुरू की और ‘गोपाल कृष्ण’ ब्रांड से कोकोनट ऑयल बाजार में उतारा।

गुणवत्तापूर्ण उत्पाद और निरंतर मेहनत से:

मासिक टर्नओवर: ₹8–10 लाख
शुद्ध मासिक आय: ₹2–3 लाख
सालाना लाभ: ₹30 लाख से अधिक
7 लोगों को मिला रोजगार
आज उनके उद्योग में 7 स्थानीय लोगों को रोजगार मिला है, जिससे गांव की आर्थिक गतिविधियां भी बढ़ी हैं।
प्रेमलता कहती हैं:
“सरकार की योजना ने मुझे हिम्मत दी, लेकिन सफलता मेहनत और विश्वास से मिली।”
जिले में 210 से अधिक हितग्राही लाभान्वित
नीमच जिले में अब तक 210 हितग्राहियों को PMFME योजना का लाभ मिला है, जबकि चालू वित्तीय वर्ष में 125 नए उद्योग स्थापित किए गए हैं।

K k sanjay
Author: K k sanjay

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