सिंघिया में शिक्षा सेवकों को तीन माह से वेतन नहीं, भुखमरी की स्थिति; भेदभाव का लगाया आरोप
बिहार के समस्तीपुर जिले के सिंघिया प्रखंड में कार्यरत शिक्षा सेवकों ने तीन माह से वेतन नहीं मिलने पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। शिक्षा सेवकों का कहना है कि वे भीषण गर्मी और धूप के बावजूद प्रतिदिन सुबह 7 बजे से 9 बजे तक समर कैंप के माध्यम से बच्चों को पढ़ाने का कार्य कर रहे हैं, लेकिन उन्हें पिछले तीन महीनों से वेतन का भुगतान नहीं किया गया है।
शिक्षा सेवक श्याम सुंदर सरदार, अनिल बैठा एवं भिखारी ने बताया कि लगातार तीन माह से वेतन नहीं मिलने के कारण उनके समक्ष आर्थिक संकट खड़ा हो गया है और परिवार के समक्ष भुखमरी जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ओर अन्य शिक्षकों को गर्मी की छुट्टी दी गई है तथा उन्हें कई गुना अधिक वेतन मिलता है, वहीं शिक्षा सेवकों से लगातार कार्य लिया जा रहा है।
शिक्षा सेवकों ने सरकार से बकाया वेतन का अविलंब भुगतान, विद्यालयों में समायोजन, राज्यकर्मी का दर्जा, अनुकंपा नियुक्ति का लाभ, 65 वर्ष तक सेवा विस्तार तथा पेंशन सुविधा प्रदान करने की मांग की है।
उन्होंने यह भी कहा कि वे जनगणना एवं बीएलओ जैसे महत्वपूर्ण कार्यों का भी निर्वहन करते हैं, लेकिन उन्हें किसी प्रकार का यात्रा भत्ता नहीं दिया जाता, जबकि नियमित शिक्षकों को यह सुविधा प्राप्त है।
शिक्षा सेवकों का आरोप है कि उनकी विभिन्न मांगों को लेकर कई बार शिक्षा मंत्री को ज्ञापन सौंपा गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने सरकार से शीघ्र सकारात्मक पहल कर उनकी समस्याओं का समाधान करने की मांग की है।






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