पटना: जनसुराज के संस्थापक और बांकीपुर उपचुनाव में बीजेपी को शिकस्त देनेवाले प्रशांत किशोर ने अपने पहले इंटरव्यू में कहा कि बांकीपुर में अहंकार के खिलाफ जनता ने वोट दिया है। यहां जाति से ऊपर उठकर वोटिंग हुई है। लालू प्रसाद की पार्टी का डर दिखाकर पहले बीजेपी वोट लेती थी लेकिन इस बार लोगों ने जनसुराज को मौका दिया है।
जीत का पहला कारण
प्रशांत किशोर ने बांकीपुर से जनसुराज की जीत के तीन कारण बताए उन्होंने कहा कि पहला कारण है, सम्राट चौधरी का सीएम के तौर पर अस्वकृति , वोट के माध्यम से जनता ने यह संदेश दिया कि बिहार को बेहतर मुख्यमंत्री की जरूरत है।
जीत की दूसरी वजह
प्रशांत किशोर ने कहा कि इस जीत की दूसरी वजह यह है कि बीजेपी के लोकल नेताओं का अंहकार, उनके अंदर यह भावना थी कि कुत्ता बिल्ली को भी टिकट दे देंगे तो लोग वोट देंगे। इस भावना के खिलाफ लोगों ने वोट दिया।
जीत का तीसरा कारण
तीसरा कारण है कि बीजेपी एनडीए के नेता विधायक इस बात को निश्चिंत है कि चुनाव वही जीतेंगे, अपने काम के आधार पर नहीं बल्कि मोदी के चेहरे पर, हिंदुत्व के नाम पर और कुछ नहीं तो लालू प्रसाद का डर दिखाकर, इन लोगों को जवाबदेह बनाने के लिए लोगों ने वोट दिया है।
नवंबर में पार्टी को क्यों जीत नहीं मिली?
इस सवाल पर कि नवंबर में पार्टी को क्यों जीत नहीं मिली, प्रशांत किशोर ने कहा कि लोगों को डर था कि यदि जनसुराज को वोट देंगे तो फिर से कहीं जंगल राज वापस न आ जाए, इसलिए रिस्क नहीं लिया। प्रशांत किशोर ने आगे कहा- दरअसल, बिहार में जाति और धर्म से बड़ा फैक्टर ये है कि एनडीए लोगों को लालू जी का डर दिखाती है, और लालूजी लोगों को यह डर दिखाते हैं कि हमको वोट नहीं दोगो तो बीजेपी की सरकार आ जाएगी। यह डर बांकीपुर में नहीं था। लोगों ने उस डर से उपर उठकर निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि बिहार आगे बढ़ना चाहिए, चाहे सरकार किसी की भी हो। बांकीपुर हार के बाद भाजपा यदि संभलती है तो अच्छा होगा, मैं स्वागत करूंगा।
बांकीपुर में विकल्प मिल गया
प्रशांत किशोर ने कहा कि इस बार लोगों को बांकीपुर में विकल्प मिल गया, पहले यह विकल्प नहीं था और लोग लालू प्रसाद यादव को वोट देना नहीं चाहते थे, इसलिए भाजपा को वोट देते थे। प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार में सुधार चाहिए, भले ही 10 साल लगे, 15 साल लगे, लेकिन बिहार का विकास हर हाल में चाहिए। बता दें कि बांकीपुर में प्रशांत किशोर ने बीजेपी उम्मीदवार नीरज सिन्हा को करीब 19 हजार वोटों से हरा दिया। इस सीट को 1995 से बीजेपी लगातार जीतती आ रही थी।
ये भी पढ़ें:
बांकीपुर में बीजेपी की हार के बाद पीएम मोदी से मिले नीतीश कुमार, संसद भवन में हुई मुलाकात

Total Users : 10174519
Views Today : 2961