बाल्टी में डूबने से बेहोश हुए एक वर्षीय बच्चे की बची जान, डॉक्टर ने उपचार कर बचाया
बिहार के समस्तीपुर जिले के शिवाजीनगर प्रखंड अंतर्गत हथौड़ी थाना क्षेत्र के रहटौली पंचायत के शिवम नेचरो केयर हॉस्पिटल में शनिवार देर शाम एक वर्षीय बच्चे का समय पर उपचार कर उसकी जान बचाई गई। बच्चा घर के आंगन में खेलते समय पानी से भरी बाल्टी में गिर गया था। घटना के बाद परिजन आनन फानन में उसे गंभीर अवस्था में अस्पताल लेकर पहुंचे। चिकित्सक के उपचार के बाद बच्चे की हालत में सुधार बताया गया है। जानकारी के अनुसार खानपुर प्रखंड के श्रीपुरगाहर गांव वार्ड 10 निवासी मोहम्मद शाहरुख का एक वर्षीय पुत्र दिलखुश बाबू शनिवार की शाम अपने घर के आंगन में खेल रहा था। इसी दौरान उसकी नजर आंगन में रखी पानी से भरी बाल्टी पर पड़ी। खेलते खेलते बच्चा बाल्टी के पास पहुंच गया और अचानक उसमें गिर गया। पानी में गिरने के कारण बच्चा कुछ देर तक डूबा रहा, जिससे वह बेहोश हो गया।
बच्चे को बाल्टी में गिरा देखकर परिजनों में अफरातफरी मच गई। परिजनों ने तत्काल उसे पानी से बाहर निकाला और इलाज के लिए शिवाजीनगर प्रखंड के रहटौली पंचायत के शिवम नेचरो केयर हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। अस्पताल पहुंचने तक बच्चे की हालत गंभीर बनी हुई थी और वह बेहोशी की अवस्था में था। परिजनों को भी बच्चे के बचने की उम्मीद कम दिखाई दे रही थी।
अस्पताल में डॉ. शिवशंकर मंडल ने तत्काल बच्चे का उपचार शुरू किया। प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति से उपचार के साथ बच्चे को ऑक्सीजन भी दिया गया। चिकित्सकीय निगरानी और आवश्यक उपचार के बाद धीरे-धीरे बच्चे की स्थिति में सुधार होने लगा। कुछ समय बाद बच्चे की हालत सामान्य बताई गई, जिसके बाद परिजनों ने राहत की सांस ली।
घटना के बाद डॉ शिव शंकर मंडल ने परिजनों को छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि घर में पानी से भरी बाल्टी, टब या अन्य बर्तन बच्चों की पहुंच से दूर रखना चाहिए। थोड़ी सी लापरवाही भी बच्चों के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। समय पर अस्पताल पहुंचने और तत्काल उपचार मिलने से दिलखुश की जान बच सकी।

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