बिहार के मुजफ्फरपुर के एके 47 मामले में एनआईए ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर ब्रह्मपुरा स्थित संजय सिनेमा रोड से भैरव त्रिपाठी उर्फ मास्टर उर्फ गुरु को गिरफ्तार किया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने AK-47 राइफल और जिंदा कारतूस बरामदगी से जुड़े मामले में फरार चल रहे एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। भैरव त्रिपाठी की गिरफ्तारी के लिए बीते चार दिनों से एनआईए की टीम मुजफ्फरपुर में तलाशी कर रही थी। एनआईए के सूचना पर एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने जिला पुलिस के अधिकारियों से जानकारी ली, इसके बाद पुलिस ने साहेबगंज में जाल बिछाया तो पता चला कि आरोपी भैरव त्रिपाठी साहेबगंज के अहियापुर का रहने वाला है। गिरफ्तार भैरव त्रिपाठी के खिलाफ आधा दर्जन से अधिक मामले दर्ज है। एनआईए में 2024 में दर्ज मामले में उसकी तलाश चल रही थी। गिरफ्तारी से बचने के लिए भैरव लगातार ठिकाने बदल रहा था। इसी बीच गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर उसे पकड़ा गया। AK-47 में एनआईए की यह छठी गिरफ्तारी है।
हथियार तस्करी के अंतराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े हैं तार
यह मामला NIA केस संख्या RC-11/2024/NIA/DLI से जुड़ा है, जिसमें AK-47 राइफल और जिंदा कारतूस बरामद किए गए थे। NIA के अनुसार, आरोपी भैरव त्रिपाठी ने दूसरे साथियों के साथ मिलकर नागालैंड से बिहार तक प्रतिबंधित बोर के अत्याधुनिक हथियार और राइफल की तस्करी की साजिश रची थी। इसका उद्देश्य सार्वजनिक शांति और सुरक्षा को प्रभावित करना और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करना था। बताया गया कि हथियार तस्करी के अंतराष्ट्रीय नेटवर्क से ये मामला जुड़ा हुआ है। उसके खिलाफ जिले के कई थानों में हत्या,आर्म्स एक्ट सहित आठ केस दर्ज हैं।
2 साल पुराना है मामला
यह मामला 5 अगस्त 2024 को दर्ज NIA केस का है, जो फकुली थाना कांड संख्या 19/2024, दिनांक 7 मई 2024 से संबंधित है। फकुली थाना पुलिस ने मुजफ्फरपुर के मुर्गटिया पुल के पास से एके 47 राइफल लेंस और जिंदा कारतूस बरामद किया था। इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया था। विकाश और सत्यम ने बताया था कि वह दीमापुर से हथियार के खेप लेकर बिहार में बेचते हैं। दीमापुर में पूर्वी चंपारण के मधुबन का अहमद अंसारी एके-47 और अन्य विदेशी हथियार की सप्लाई करता है। उन्होंने हाल ही में फकुली थाना के मनकौली के रहने वाले मुखिया के बेटे देवमणि कुमार को एके-47 बेची है। पुलिस ने देवमणि को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही एक एके-47, राइफल मैगजीन और पांच कारतूस बरामद किए थे। इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।
मामले में 5 आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार
जांच पूरी होने के बाद NIA ने इस मामले में पहली चार्जशीट 8 मई 2025 को चार आरोपियों विकास कुमार, सत्यम कुमार, देवमणि राय और अहमद अंसारी के खिलाफ दाखिल की थी। इन पर IPC की धारा 120B और यूए(पी) एक्ट की धाराएं 13 और 18 लगाई गई थीं। इसके बाद 20 फरवरी 2026 को आरोपी मंजूर खान के खिलाफ दूसरी चार्जशीट दाखिल की गई। उस पर IPC की धारा 120B, आर्म्स एक्ट की धाराएं 25 (1AA), 26 और 35 और यूए(पी) एक्ट की धाराएं 13 और 18 लगाई गईं। वहीं, 15 अप्रैल 2026 को NIA ने आरोपी कुंदन कुमार उर्फ कुंदन भगत के खिलाफ तीसरी चार्जशीट दाखिल की। उस पर भी IPC की धारा 120B, आर्म्स एक्ट की धाराएं 25(1AA), 26 और 35 और यूए(पी) एक्ट की धाराएं 13 और 18 के तहत कार्रवाई की गई।
पुलिस से छुपने के लिए ठिकाने बदल रहा था आरोपी भैरव
अब फरार आरोपी भैरव त्रिपाठी की गिरफ्तारी के बाद मामले की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। भैरव की गिरफ्तारी के बाद पुलिस टीम उसके आपराधिक नेटवर्क हथियारों की आपूर्ति, एनआईए की टीम उसके आपराधिक नेटवर्क और अन्य मामले में उसकी भूमिका से लेकर पूछताछ कर उससे जुड़े लोगों पर कार्रवाई में जुटी है।
इनपुट-संजीव कुमार (मुजफ्फरपुर, बिहार)

Total Users : 10190803
Views Today : 478