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September 13, 2026 11:50 am

ब्रिक्स घोषणापत्र में आतंकवाद के खिलाफ भारत का जोर, कट्टरपंथ और ड्रग्स के विरोध सहयोग बढ़ाने की अपील

ब्रिक्स घोषणापत्र में आतंकवाद के खिलाफ भारत का जोर, कट्टरपंथ और ड्रग्स पर सहयोग बढ़ाने की विरोध

नई दिल्ली: 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में अपनाए गए ‘नई दिल्ली घोषणापत्र’ में भारत ने आतंकवाद, सीमा-पार आतंकी नेटवर्क, टेरर फंडिंग, कट्टरपंथ और मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ मजबूत सहयोग पर जोर दिया। घोषणापत्र में 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की गई, जिसमें 26 लोगों की मौत हुई थी।

ब्रिक्स देशों ने आतंकवाद के सभी रूपों और तरीकों से मुकाबला करने की प्रतिबद्धता दोहराई। नेताओं ने आतंकवादियों की सीमा-पार आवाजाही, आतंकवाद के वित्तपोषण और सुरक्षित ठिकानों की कड़ी निंदा की। साथ ही आतंकवाद को किसी धर्म, राष्ट्रीयता, सभ्यता या जातीय समूह से जोड़ने का विरोध किया गया।

घोषणापत्र में युवाओं के कट्टरपंथ की ओर बढ़ते झुकाव और आतंकी संगठनों द्वारा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल पर भी चिंता जताई गई। सदस्य देशों ने जानकारी साझा करने और आतंकवाद विरोधी सहयोग मजबूत करने पर सहमति जताई।

इसके अलावा आतंकवाद के वित्तपोषण, मनी लॉन्ड्रिंग, संगठित अपराध, साइबर धोखाधड़ी और अवैध वित्तीय प्रवाह पर । ब्रिक्स नेताओं ने मादक पदार्थों के उत्पादन, तस्करी और दुरुपयोग के खिलाफ परिचालन एवं तकनीकी सहयोग बढ़ाने का भी समर्थन किया।

K k sanjay
Author: K k sanjay

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