शारदीय नवरात्र आज से शुरू, हाथी पर सवार होकर आएंगी मां दुर्गा, जानिए कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त
पटना, बिहार। देशभर में शारदीय नवरात्र का शुभारंभ 11 अक्टूबर 2026, रविवार से हो रहा है। नौ दिनों तक चलने वाले इस पावन पर्व में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाएगी। नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा के साथ कलश स्थापना की जाएगी।
हाथी पर आगमन, मुर्गे पर प्रस्थान की मान्यता
ज्योतिषाचार्य पंडित राजन उपाध्याय के अनुसार, इस वर्ष मां दुर्गा का आगमन हाथी पर और प्रस्थान मुर्गे पर होने की धार्मिक मान्यता है। परंपरागत मान्यताओं में हाथी पर आगमन को सुख-समृद्धि, अच्छी वर्षा और अन्न-धन की वृद्धि का प्रतीक माना जाता है।
कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त
बताया गया है कि 11 अक्टूबर को सुबह 6:19 बजे से 10:12 बजे तक कलश स्थापना का प्रधान मुहूर्त है। वहीं, अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:44 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक रहेगा। श्रद्धालु अपनी सुविधा और स्थानीय पंचांग के अनुसार पूजा-अर्चना कर सकते हैं।
नौ दिनों तक होगी मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा
नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री, दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी, तीसरे दिन मां चंद्रघंटा और चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा की जाती है। इसके बाद मां स्कंदमाता, मां कात्यायनी, मां कालरात्रि, मां महागौरी और मां सिद्धिदात्री की आराधना की जाती है।
नवार्ण मंत्र के जाप का विशेष महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्र में मां दुर्गा की पूजा, मंत्र जाप, व्रत और दान-पुण्य का विशेष महत्व है। इस दौरान श्रद्धालु मां दुर्गा के नवार्ण मंत्र ‘ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे’ का जाप कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं।
नवरात्र का यह पावन पर्व श्रद्धा, भक्ति और सकारात्मक संकल्प का संदेश देता है। इन नौ दिनों में मंदिरों और घरों में विशेष पूजा-अर्चना की तैयारियां की जाती हैं तथा अष्टमी और नवमी के अवसर पर कई परिवारों में कन्या पूजन भी किया जाता है।

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