शिवाजीनगर में कलश स्थापना के साथ शारदीय नवरात्र शुरू, बेला चौक से निकली भव्य कलश यात्रा
शिवाजीनगर lशारदीय नवरात्र के शुभारंभ के साथ ही शिवाजीनगर प्रखंड अंतर्गत विभिन्न गांवों में रविवार को मां दुर्गा की आराधना शुरू हो गई। प्रखंड अंतर्गत बंधार, बाघोपुर, बल्लीपुर, शिवाजीनगर, रमौल, बोरज, भटौरा, करियन सहित विभिन्न गांवों के मंदिरों एवं घरों में विधि-विधान के साथ कलश स्थापना की गई। इस दौरान मनोकामना दुर्गा मंदिर, बेला चौक के प्रांगण से गाजे-बाजे के साथ भव्य कलश शोभायात्रा निकाली गई। श्रद्धा, आस्था और भक्ति से ओतप्रोत इस यात्रा में 251 कुमारी कन्याओं एवं महिलाओं ने भाग लिया। पूरे क्षेत्र में माता के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। मनोकामना दुर्गा पूजा समिति के तत्वावधान में आयोजित कलश स्थापना कार्यक्रम के तहत शोभायात्रा निकालने से पहले मंदिर परिसर में विधिवत पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद सिमरिया घाट से लाए गए गंगाजल से 251 कुमारी कन्याओं एवं महिलाओं के कलश भरे गए। गाजे-बाजे और धार्मिक जयकारों के बीच निकली शोभायात्रा बेला गांव, चितौरा गांव, भानपुर एवं कोची गांव से होकर गुजरी। यात्रा के दौरान श्रद्धालु माता रानी की जय-जयकार करते रहे। निर्धारित मार्ग से भ्रमण करने के बाद कलश यात्रा मनोकामना दुर्गा मंदिर परिसर पहुंची, जहां वैदिक रीति-रिवाज के अनुसार कलश स्थापित किए गए। पंडित राम सरगुग दास ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलश स्थापना कराई और विधिवत पूजा-अर्चना संपन्न कराई। इस अवसर पर मुख्य पुजारी गणेश मंडल भंडारी सहित अन्य धार्मिक अनुष्ठान से जुड़े लोगों ने पूजन कार्य में सहयोग किया। श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा के समक्ष माथा टेककर परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और मंगलमय जीवन की कामना की। शारदीय नवरात्र के पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व रहा। मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। पारंपरिक रीति-रिवाजों और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कलश स्थापना कर नवरात्र पूजा का शुभारंभ किया गया। पंडितों ने श्रद्धालुओं को कलश स्थापना के धार्मिक महत्व की जानकारी दी। महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों में सज-धजकर पूजा-अर्चना की, जबकि पुरुष श्रद्धालु भी पूरे उत्साह के साथ धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल हुए। नवरात्र शुरू होते ही प्रखंड के गांवों और गलियों में भक्ति का माहौल छा गया है। ढोल-नगाड़ों की धुन, भक्ति गीतों और मां दुर्गा के जयकारों से वातावरण गूंज उठा। श्रद्धालु ‘जय माता दी’ के उद्घोष के साथ माता रानी की स्तुति करते नजर आए। ‘या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै नमो नमः’ मंत्र की गूंज से क्षेत्र का वातावरण भक्तिमय बना रहा। मंदिरों के साथ-साथ श्रद्धालुओं ने अपने-अपने घरों में भी कलश स्थापित कर मां दुर्गा की पूजा-अर्चना शुरू की।
दस दिनों तक चलने वाले नवरात्र के दौरान श्रद्धालु उपवास, पूजन और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से मां दुर्गा की आराधना करेंगे। लोगों में नवरात्र को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। मंदिरों में पूजा की तैयारियां की गई हैं और श्रद्धालु पूरे विधि-विधान के साथ मां की उपासना में जुट गए हैं। कलश स्थापना के साथ ही क्षेत्र में दुर्गा पूजा की धार्मिक गतिविधियों ने गति पकड़ ली है। इस अवसर पर मनोकामना दुर्गा पूजा समिति के मुख्य पुजारी गणेश मंडल भंडारी, राम भजन मंडल, मुखिया धर्मेंद्र कुमार मंडल, समाजसेवी जयद्रथ मंडल, अरविंद कुमार, जवाहर प्रसाद मंडल, चंद्रदेव राम, राम कृपाल मंडल, सिया शरण मंडल, विपिन बिहारी प्रसाद, हरि नारायण सिंह, मुख्य कलश व्रती प्रभु नारायण कुमार, रामकरण मंडल, रमाकांत मंडल, गंगा प्रसाद मंडल, दिनेश प्रसाद सिंह, गणेश कुमार, हरिश्चंद्र सिंह, राम शगुन मंडल, राम शंकर सिंह, हरे राम मंडल, रामसेवक मंडल (अधिवक्ता), महेंद्र नारायण मंडल, रामसागर मंडल, शंकर कुमार (शिक्षक), बाबू प्रसाद सिंह, कुशेश्वर सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

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