वेंडरों के बकाया भुगतान पर अटका एमडीएम, शिवाजीनगर के विद्यालयों में बंद रहा मध्याह्न भोजन
शिवाजीनगर
प्रखंड अतर्गत विभिन्न विद्यालयों में सोमवार को पीएम पोषण योजना के तहत संचालित मध्याह्न भोजन व्यवस्था प्रभावित रही। भोजन निर्माण के लिए आवश्यक खाद्य सामग्री की आपूर्ति बंद होने से बच्चों को दोपहर का भोजन नहीं मिल सका। वेंडरों का बकाया भुगतान लंबे समय से लंबित रहने के कारण उत्पन्न हुई इस स्थिति से विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों, शिक्षकों और अभिभावकों में नाराजगी देखी गई। बच्चों को नियमित एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित योजना का प्रभावित होना शिक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है।विद्यालयों से मिली जानकारी के अनुसार, अधिकांश विद्यालयों में मई 2026 से परिवर्तन मूल्य की राशि का भुगतान वेंडरों के खाते में नहीं हो पाया है। जून 2026 में विद्यालयों के खातों में मई माह के मध्याह्न भोजन की राशि का आवंटन प्राप्त हुआ था। इसके बाद संबंधित राशि को समय-समय पर बैंक में जमा भी किया गया, लेकिन भुगतान की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। विद्यालय प्रबंधन का आरोप है कि बैंक स्तर पर भुगतान में हुई देरी के कारण वेंडरों को उनकी बकाया राशि नहीं मिल पाई। नतीजतन, मई से अब तक अधिकांश विद्यालयों में परिवर्तन मूल्य की राशि लंबित है।
वेंडरों का कहना है कि 10 अक्टूबर तक बकाया राशि का भुगतान नहीं होने के कारण उनके लिए खाद्य सामग्री की नियमित आपूर्ति जारी रखना संभव नहीं रह गया है। लंबे समय से भुगतान लंबित रहने के चलते उन्होंने विद्यालयों को सामग्री उपलब्ध कराने में असमर्थता जताई। इसका सीधा असर मध्याह्न भोजन के संचालन पर पड़ा। सोमवार, 12 अक्टूबर से कई विद्यालयों में भोजन बनाने के लिए आवश्यक सामग्री के अभाव में व्यवस्था ठप हो गई।
वेंडरों ने निदेशक, मध्याह्न भोजन योजना, बिहार के ज्ञापन संख्या 2893, दिनांक 17 सितंबर का हवाला देते हुए कहा कि एसएनए स्पर्श मॉडल के तहत पीएम पोषण कार्यक्रम में वेंडरों के बकाया भुगतान की जिम्मेदारी प्रखंड साधन सेवी, मध्याह्न भोजन योजना, जिला अकाउंटेंट तथा जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, मध्याह्न भोजन योजना को दी गई है। ऐसे में भुगतान को लेकर प्रधानाध्यापक, प्रभारी प्रधानाध्यापक एवं प्रधान शिक्षक पर उनका भरोसा कमजोर पड़ गया है। वेंडरों का कहना है कि जब तक बकाया राशि का भुगतान सुनिश्चित नहीं होगा, तब तक सामग्री की आपूर्ति करना मुश्किल रहेगा। विद्यालयों के शिक्षकों ने कहा कि पीएम पोषण योजना का उद्देश्य बच्चों को विद्यालय में नियमित रूप से पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है। भुगतान में देरी के कारण भोजन बंद होना बच्चों के हित में नहीं है। शिक्षकों ने संबंधित जिला कार्यालय से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर वेंडरों की बकाया राशि का भुगतान कराने की मांग की। उनका कहना है कि भुगतान की समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ तो विद्यालयों में मध्याह्न भोजन का संचालन प्रभावित बना रहेगा।इस संबंध में पूर्व बीआरपी सह प्रधानाध्यापक बालमुकुंद सिंह, सत्यनारायण आर्य, मदन कुमार, हीरानंद झा, राजकुमार राय, मृत्युंजय कुमार सिंह, संजीव कुमार, प्रमोद कुमार पासवान, प्रदीप कुमार, सरिता कुमारी, संजीत कुमार, संतोष कुमार, राजकुमार मुखिया, बिहारी दास एवं प्रदीप पासवान , प्रियंका कुमारी विनोद झा, अरुण कुमार पासवान, रामनाथ पंडित, सुदर्शन प्रसाद
सहित अन्य प्रधानाध्यापकों ने कहा कि वेंडरों के खाते में बकाया राशि का भुगतान होने तक मध्याह्न भोजन का संचालन बाधित रहने की आशंका है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से जल्द भुगतान सुनिश्चित कर विद्यालयों में भोजन व्यवस्था बहाल कराने की मांग की।

Total Users : 10266253
Views Today : 886