छत पर सोलर पैनल लगाकर उपभोक्ता बन सकेंगे बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर
बिहार के समस्तीपुर जिले के सिंघिया प्रखंड मुख्यालय स्थित पंचायत समिति भवन सभागार में आज सोमवार को प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को लेकर कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला की अध्यक्षता बीडीओ विवेक रंजन ने की, जबकि संचालन विद्युत विभाग के जेई शशि शेखर सिंह ने किया। इस दौरान प्रखंड परियोजना प्रबंधक पुष्यंत कुमार पुष्कर ने प्रखंड क्षेत्र की सभी पंचायतों के जन वितरण प्रणाली विक्रेताओं, मुखिया एवं पंचायत समिति सदस्यों को योजना की विस्तार से जानकारी दी। साथ ही पंचायत स्तर पर अधिक से अधिक इच्छुक लोगों को योजना से जोड़ने और इसके प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यशाला में बताया गया कि केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का उद्देश्य घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को अपनी छत पर सोलर पैनल लगाकर बिजली उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करना है। सोलर पैनल के माध्यम से उपभोक्ता अपने घर की आवश्यकता के अनुसार बिजली का उत्पादन कर सकेंगे। इससे घरेलू बिजली की खपत का बोझ कम होगा और उपभोक्ता बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सकेंगे। योजना के तहत केंद्र सरकार के साथ बिहार सरकार की ओर से भी निर्धारित मानकों के अनुसार अनुदान दिया जा रहा है। बीडीओ विवेक रंजन ने कहा कि सौर ऊर्जा के उपयोग से उपभोक्ताओं को पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों एवं जन वितरण प्रणाली विक्रेताओं पैक्स अध्यक्ष से कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्र में योजना की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाएं तथा पात्र एवं इच्छुक परिवारों को आवेदन करने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि सोलर पैनल लगाने से घरेलू जरूरत की बिजली का उत्पादन घर की छत पर ही किया जा सकता है। इससे बिजली बिल में उल्लेखनीय कमी लाने में मदद मिलेगी। कार्यशाला में योजना के तहत बिजली की खपत के अनुसार सोलर पैनल की आवश्यकता, अनुमानित लागत, सरकारी अनुदान तथा पैनल लगाने के लिए आवश्यक स्थान की जानकारी भी दी गई। बताया गया कि 150 से 250 यूनिट तक मासिक बिजली खपत वाले उपभोक्ताओं के लिए करीब 2 किलोवाट क्षमता के सोलर सिस्टम की आवश्यकता हो सकती है। इसकी अनुमानित लागत करीब 1.45 लाख रुपये बताई गई है। इस पर केंद्र सरकार की ओर से 78 हजार रुपये तथा बिहार सरकार की ओर से 20 हजार रुपये अनुदान का प्रावधान बताया गया। इस प्रकार कुल 98 हजार रुपये के अनुदान के बाद अनुमानित लागत करीब 65 हजार रुपये रह जाती है। इसके लिए लगभग 150 वर्गफीट छत की आवश्यकता होगी।
इसी तरह 250 से 350 यूनिट तक बिजली खपत वाले उपभोक्ताओं के लिए करीब 3 किलोवाट क्षमता के सोलर सिस्टम की आवश्यकता बताई गई। इसकी अनुमानित लागत करीब दो लाख रुपये है। निर्धारित अनुदान के बाद उपभोक्ता पर करीब 1.02 लाख रुपये का खर्च आने की जानकारी दी गई। इसके लिए लगभग 250 वर्गफीट स्थान की आवश्यकता होगी।
अधिकारियों ने बताया कि योजना का लाभ लेने के इच्छुक उपभोक्ता नजदीकी विद्युत कार्यालय अथवा प्रखंड कार्यालय से संपर्क कर विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा इच्छुक आवेदक ऑनलाइन माध्यम से pmsuryaghar.gov.in पर आवेदन कर सकते हैं। कार्यशाला के माध्यम से पंचायत प्रतिनिधियों से अपील की गई कि वे योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए जागरूक करें। अधिकारियों ने कहा कि सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने से जहां उपभोक्ताओं को बिजली खर्च में राहत मिलेगी, वहीं स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

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