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October 27, 2026 9:44 pm

प्राकृतिक खेती अपनाएं, मिट्टी को स्वस्थ बनाएं : किसानों को किया जागरूक

प्राकृतिक खेती अपनाएं, मिट्टी को स्वस्थ बनाएं : किसानों को किया जागरूक

 

दहियार रन्ना पंचायत भवन में खेत बचाओ अभियान सह कृषि जन कल्याण चौपाल आयोजित, मिट्टी की जांच और संतुलित उर्वरक प्रबंधन पर दिया गया जोर

 

शिवाजीनगर

 

प्रखंड अंतर्गत दहियार रन्ना पंचायत के पंचायत भवन में मंगलवार को खेत बचाओ अभियान सह कृषि जन कल्याण चौपाल का आयोजन किया गया। इसमें किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने, मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने और कृषि को टिकाऊ एवं लाभकारी बनाने के लिए जागरूक किया गया। कृषि कर्मियों ने किसानों को खेती में प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर उपयोग, मिट्टी की नियमित जांच तथा फसलों की आवश्यकता के अनुरूप संतुलित उर्वरकों के प्रयोग की जानकारी दी। साथ ही, आधुनिक कृषि यंत्रों के इस्तेमाल से खेती को आसान और कम खर्चीला बनाने के उपाय भी बताए गए। चौपाल में सहायक तकनीकी प्रबंधक अमरदीप शर्मा ने किसानों को प्राकृतिक खेती के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि मिट्टी कृषि उत्पादन का आधार है। इसकी उर्वरता और स्वास्थ्य को बनाए रखना किसानों के लिए बेहद जरूरी है। लगातार असंतुलित तरीके से रासायनिक उर्वरकों का इस्तेमाल करने के बजाय मिट्टी की जांच कराकर उसकी जरूरत के अनुसार पोषक तत्वों का प्रयोग करना चाहिए। इससे उर्वरकों के उचित उपयोग को बढ़ावा मिलेगा और खेती की लागत को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। उन्होंने प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि खेती में उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों का समुचित उपयोग करना समय की जरूरत है। प्राकृतिक खेती की पद्धतियों को अपनाने से रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने, मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने और पर्यावरण संरक्षण में सहायता मिल सकती है। उन्होंने किसानों को मोटे अनाज की खेती को भी बढ़ावा देने की सलाह दी, ताकि फसल विविधीकरण के साथ कृषि को अधिक टिकाऊ बनाया जा सके। सहायक तकनीकी प्रबंधक इंद्रजीत गौरव ने कृषि कार्यों में उपयोग होने वाली विभिन्न मशीनों और आधुनिक कृषि यंत्रों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कृषि कार्यों में जरूरत के अनुसार मशीनों का इस्तेमाल करने से समय और श्रम की बचत होती है। इससे खेती के कई कार्य कम समय में पूरे किए जा सकते हैं और किसानों को कामकाज में सुविधा मिलती है। उन्होंने किसानों को आधुनिक तकनीकों के प्रति जागरूक रहते हुए उनका उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। मौके पर कृषि समन्वयक वीरेंद्र प्रसाद और किसान सलाहकार सुशील राम सहित अन्य कृषि कर्मियों ने भी किसानों को कृषि संबंधी योजनाओं, बेहतर कृषि पद्धतियों और वैज्ञानिक तरीके से खेती करने की जानकारी दी। चौपाल में प्रगतिशील किसानों ने भाग लेकर प्राकृतिक खेती, मिट्टी की जांच, संतुलित उर्वरक प्रबंधन, मोटे अनाज के उत्पादन और आधुनिक कृषि तकनीकों से संबंधित जानकारी प्राप्त की।

कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को जागरूक कर मिट्टी संरक्षण, कम लागत वाली खेती और बेहतर कृषि प्रबंधन के प्रति प्रेरित करना रहा। कृषि कर्मियों ने किसानों को खेती में वैज्ञानिक सोच अपनाने तथा मिट्टी को स्वस्थ रखकर कृषि उत्पादन को टिकाऊ बनाने का संदेश दिया।

K k sanjay
Author: K k sanjay

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