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September 19, 2026 7:29 pm

राधा अष्टमी पर ठाकुरबारियों में गूंजे भजन-कीर्तन, भक्ति में डूबा शिवाजीनगर

राधा अष्टमी पर ठाकुरबारियों में गूंजे भजन-कीर्तन, भक्ति में डूबा शिवाजीनगर

शिवाजीनगर प्रखंड अंतर्गत शनिवार को राधा अष्टमी का पर्व श्रद्धा, आस्था और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर प्रखंड के विभिन्न गांवों में स्थित ठाकुरबारियों एवं मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया। सुबह से ही श्रद्धालुओं ने मंदिरों में पहुंचकर राधा-कृष्ण की पूजा-अर्चना की और सुख-समृद्धि की कामना की। दिनभर धार्मिक अनुष्ठानों के साथ भजन-कीर्तन और गीत-संगीत के कार्यक्रम आयोजित किए गए। इससे पूरे क्षेत्र का वातावरण भक्तिमय बना रहा। प्रखंड के बंधार गांव में राम जानकी ठाकुरबाड़ी, रन्ना मठ में राम जानकी ठाकुरबाड़ी, राधा-कृष्ण ठाकुरबाड़ी उदयन नगर करियन मनोकामना मंदिर, लक्ष्मीनियां में राम जानकी ठाकुरबाड़ी, धरमपुर, बल्लीपुर, भटौरा, रामभद्रपुर, दसौत सहित प्रखंड के विभिन्न गांवों की ठाकुरबारियों में राधा अष्टमी को लेकर विशेष आयोजन किए गए। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए पूजा एवं प्रसाद की व्यवस्था की गई। महिलाओं और बच्चों ने भी उत्साह के साथ धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लिया।

राधा अष्टमी को लेकर सुबह से ही मंदिरों में पूजा-अर्चना का सिलसिला शुरू हो गया। श्रद्धालुओं ने राधा-कृष्ण की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर पुष्प अर्पित किए। इसके बाद विभिन्न स्थानों पर भजन-कीर्तन का आयोजन हुआ। कीर्तन मंडलियों ने राधा-कृष्ण की भक्ति से जुड़े गीत प्रस्तुत किए। भक्ति गीतों की धुन पर श्रद्धालु देर तक झूमते रहे। कई ठाकुरबारियों में शाम के समय विशेष आरती का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।

धार्मिक मान्यता के अनुसार भाद्रपद शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को राधा जी का प्राकट्य दिवस मनाया जाता है। भगवान श्रीकृष्ण की आराध्या राधा को प्रेम, भक्ति और समर्पण की प्रतीक माना जाता है। इसी कारण राधा अष्टमी के अवसर पर श्रद्धालु राधा-कृष्ण की संयुक्त रूप से पूजा कर परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना करते हैं। इस दिन मंदिरों में राधा जी के जन्मोत्सव से जुड़े धार्मिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं। ठाकुरबारियों में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पंडित शशि झा, पप्पू झा, दुखहरण झा उर्फ फलाहारी बाबा तथा श्रीश्री 108 रामकृष्ण रामायणी दास जी महाराज सहित अन्य पंडितों ने राधा अष्टमी के धार्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि राधा अष्टमी श्रद्धा और भक्ति का महत्वपूर्ण पर्व है। राधा-कृष्ण की आराधना से मन को शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से पर्व को आस्था और सद्भाव के साथ मनाने की अपील की।पर्व को लेकर विभिन्न गांवों में लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण भी किया गया। देर शाम तक ठाकुरबारियों में भजन-कीर्तन का दौर चलता रहा। धार्मिक आयोजनों के कारण प्रखंड क्षेत्र का माहौल पूरी तरह भक्तिमय नजर आया। राधा अष्टमी के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों में स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और श्रद्धा के साथ राधा-कृष्ण की आराधना की।

K k sanjay
Author: K k sanjay

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