बिहार में पहली बार ‘भारत सीरीज’ ईपिक कार्ड
🔹 क्या है ‘भारत सीरीज’ ईपिक (EPIC)?
यह एक राष्ट्रीय स्तर का यूनिक मतदाता पहचान पत्र नंबर होगा।
एक बार जारी होने पर यह नंबर भारत भर में मान्य रहेगा — चाहे मतदाता कहीं भी शिफ्ट हो जाए।
🔹 इसके फायदे:
पता बदलने पर केवल पता अपडेट होगा, नया ईपिक नंबर नहीं मिलेगा।
डुप्लीकेट और फर्जी वोटर आईडी की समस्या खत्म होगी।
पूरे देश में एकीकृत वोटर डाटाबेस की नींव रखेगा।
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🧾 15 दिनों में नया ईपिक कार्ड
नाम जुड़वाने या जानकारी अपडेट कराने के 15 दिन के भीतर नया ईपिक कार्ड मिल जाएगा।
डाक विभाग की मदद से रीयल-टाइम ट्रैकिंग और SMS अपडेट की सुविधा भी होगी।
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⚰️ मृत्यु पंजीकरण से लिंक
RGI (Registrar General of India) से डेटा लेकर मृत मतदाताओं के नाम स्वतः हटाए जाएंगे।
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🗺️ शहरी वोटरों के लिए खास पहल
अपार्टमेंट और कॉलोनियों के भीतर ही बनाए जाएंगे मतदान केंद्र।
इससे मतदान प्रतिशत बढ़ाने में मदद मिलेगी, खासकर शहरी इलाकों में।
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🚩 राजनीतिक दलों के लिए नया नियम
प्रचार बूथ अब 100 मीटर की दूरी पर लगाए जा सकेंगे (पहले 200 मीटर की सीमा थी)।
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🧍♂️ भीड़ घटेगी – बूथ की संख्या बढ़ेगी
पहले 1500 मतदाताओं पर एक बूथ होता था, अब केवल 1200 मतदाताओं पर एक बूथ बनेगा।
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🔍 वोटर पर्ची में बदलाव
क्रम संख्या और भाग संख्या अब और स्पष्ट तरीके से बड़े अक्षरों में लिखी जाएगी।
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✅ निष्कर्ष:
ये सारे बदलाव भारत के चुनाव तंत्र को डिजिटल, पारदर्शी और नागरिक-केन्द्रित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम हैं। बिहार इससे पायलट राज्य के रूप में उभरेगा और 2029 तक यह व्यवस्था संपूर्ण भारत में लागू हो जाएगी।






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