प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के ताजपुर रोड स्थित स्थानीय सेवाकेंद्र शिव शक्ति भवन में विश्व पर्यावरण दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस मौके पर कृष्ण भाई ने बताया कि पर्यावरण प्रदूषण का मूल कारण मानसिक प्रदूषण है। हमारे मन में जो नकारात्मक अथवा व्यर्थ विचारों की उत्पत्ति होती है, उसका प्रभाव पूरे वायुमंडल पर पड़ता है और प्रकृति तमोप्रधान बन जाती है। आज संसार में जो भी नकारात्मकता और विकारों का प्रभाव है उससे मुक्त होने के लिए राजयोग मेडिटेशन के द्वारा हम मन के विचारों को शुद्ध करके प्रकृति को शुद्ध बना सकते हैं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बीके तरुण ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा पर्यावरण संरक्षण के लिए किए जा रहे कार्यों को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम ने इसे पर्यवेक्षक का दर्जा दिया है। साथ ही संयुक्त राष्ट्र की पर्यावरण के क्षेत्र में कार्य करने वाली अन्य संस्थाओं यूएनएफसीसी, सीबीडी और यूएनसीसीडी ने भी इसे पर्यवेक्षक का दर्जा प्रदान किया है। भारत सरकार ने भी संस्थान के सोलर एनर्जी एवं वृक्षारोपण से जुड़े प्रोजेक्ट्स की कई मंचों पर भूरि-भूरि प्रशंसा की है। संस्थान ने सरकार के जल जन अभियान में भी अपनी भूमिका निभाई है। संस्थान के भाई-बहनों द्वारा अपनायी जाने वाली स्वच्छ, स्वस्थ एवं सादगी भरी जीवनशैली पर्यावरण के अनुकूल है और इसके संवर्धन में अहम भूमिका अदा कर रही है।
सविता बहन ने मेडिटेशन के द्वारा प्रकृति के पांचों तत्वों को पवित्रता और शांति के प्रकम्पन्न फैलाने की विधि सिखाई एवं अभ्यास कराया।
इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों को नीम, अमरूद, केला, करी पत्ता आदि के पौधे वितरित किये गये और सभी से संकल्प कराया गया कि हम आज के दिन एक पौधा लगाकर उसका संवर्धन करेंगे।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से शिव प्रकाश खेमका, सतीश चांदना, डॉ० दशरथ तिवारी, वरुण भाई, राकेश भाई, विजय भाई, अशोक भाई, संजीव भाई आदि उपस्थित थे।

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