बहेड़ी के गोदाम से करीब एक करोड़ की 400 से अधिक खैर के गिल्टे बरामद, तस्करी नेटवर्क पर बड़ा प्रहार
हल्द्वानी| 11,जुलाई 2026
उत्तराखंड के जंगलों से खैर का अवैध कटान कर यूपी पहुंचाई गई थी बहुमूल्य लकड़ी. गोदाम संचालक फरार, वन विभाग ने शुरू की नेटवर्क की गहन जांच. तराई पूर्वी वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी हिमांशु बागरी के नेतृत्व में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश के बहेड़ी स्थित एक गोदाम से लगभग 25 घनमीटर खैर की बहुमूल्य लकड़ी के 400 से अधिक गिल्टे बरामद कर जब्त कर लिए। बरामद लकड़ी की अनुमानित कीमत करीब एक करोड़ रुपये बताई जा रही है।
डीएफओ हिमांशु बागरी ने बताया कि पिछले कई दिनों से लगातार गोपनीय सूचनाएं मिल रही थीं कि उत्तराखंड के विभिन्न वन क्षेत्रों से अवैध रूप से खैर के पेड़ों का कटान कर उनकी लकड़ी बहेड़ी के एक गोदाम में जमा की जा रही है और वहां से उसकी अवैध तस्करी की जा रही है।
सूचनाओं की गंभीरता को देखते हुए उनके निर्देशन में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने कई दिनों तक गोपनीय निगरानी, तकनीकी और भौतिक सत्यापन के बाद शनिवार सुबह करीब छह बजे योजनाबद्ध तरीके से गोदाम पर छापा मारा। कार्रवाई के दौरान गोदाम से 400 से अधिक खैर के गिल्टे, लगभग 25 घनमीटर खैर प्रकाष्ठ बरामद हुआ। हालांकि छापेमारी के समय गोदाम संचालक मौके से फरार मिला और परिसर में कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था।
वन विभाग ने भारतीय वन अधिनियम, 1927 की संबंधित धाराओं के तहत अज्ञात आरोपियों के खिलाफ वन अपराध दर्ज कर लिया है। बरामद लकड़ी को तीन पिकअप और एक ट्रक के माध्यम से वैधानिक प्रक्रिया पूरी कर तराई पूर्वी वन प्रभाग के गौला रेंज परिसर में सुरक्षित रखवा दिया गया है।
वन विभाग अब गोदाम संचालक की तलाश के साथ-साथ अवैध कटान और तस्करी से जुड़े पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रहा है। विभाग का कहना है कि मामले में शामिल सभी व्यक्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस संयुक्त अभियान में उप प्रभागीय वनाधिकारी गौला अनिल जोशी, उप प्रभागीय वनाधिकारी सितारगंज श्रीमती सावित्री, वन क्षेत्राधिकारी रनसाली महेंद्र रेकुनी, वन क्षेत्राधिकारी गौला चंदन अधिकारी, वन क्षेत्राधिकारी बाराकोली कैलाश गुणवंत, वन क्षेत्राधिकारी डॉली, नवीन पवार, वन क्षेत्राधिकारी एसओजी नवीन रैकवाल सहित तराई पूर्वी वन प्रभाग के लगभग 50 वन अधिकारी एवं कर्मचारियों ने भाग लिया।
डीएफओ हिमांशु बागरी ने कहा कि उत्तराखंड की वन संपदा की सुरक्षा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। वन अपराध और वन उत्पादों की अवैध तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और भविष्य में भी ऐसे विशेष अभियान लगातार चलाए जाते रहेंगे।



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