Explore

Search

July 11, 2026 9:47 pm

खनन का परमिट कैसे पास हुआ, जे सी बी से खनन करने की भनक किसी अधिकारी को नहीं लगी

खनन का परमिट कैसे पास हुआ, जे सी बी से खनन करने की भनक किसी अधिकारी को नहीं लगी

 

जंगलात के अफसर एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप करने से नहीं चूक रहे

 

 

हल्द्वानी| 10, जुलाई 2026

खनन विभाग की नाक के नीचे होता खनन पर राजस्व विभाग का कोई रुख न अपनाने से लगता है, खनन ठेकेदारों से खनन अफसर भारी भरकम पैसा लेते है. इसकी पुष्टि नहीं हो पायी है कि डॉली रेंज मे स्थापित लालकुआं स्टोन क्रशर तय मनको को अनदेखा कर गौला क्षेत्र मे जे सी भी मशीनों से खनन को गड्डा खोद कर पत्थर, रेता, आर वी एम को खनन करते है.

 

स्टोन क्रशर के ठेकेदार गौला क्षेत्र मे आये शीशाम, सागौन का कटान कर खनिज निकासी करने से नहीं चूक रहे है. लालकुआं मे स्थापित क्रशर गाओं मे प्रदुषण उत्पन्न करने मे जनजीवन को प्रभावित कर रहा है. डॉली रेंज मे स्थापित क्रशर के कर्मियों का खनिज दोहन मे गौला मे शीशाम, सागौन के पेड़ो का कटान का मामला 2021-2022 मे चर्चाओ मे रहा है. वन विभाग ने क्रशर पर लाखो का चालान किया था. इसमें पुष्ठी यह भी नहीं हो पायी, लाखो का चालान कैसे मात्र हजारों रूपये दे कर नबटाया गया.

 

गौला रेंज मे क्रशर ठेकेदारों का बगैर एन ओ सी से जे सी बी से गड्डे खोद कर खनिज का दोहन खनन विभाग की नीद उड़ाए है. यह चर्चा का विषय बना है, खनन का परमिट कैसे पास हुआ. जे सी बी से खनन करने पर डी एम को कानो मे भनक नहीं पहुंची. राजस्व विभाग सुस्त बना है. जंगलात के अफसर एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप करने से नहीं चूक रहे है. लाखो का चालान मात्र हजारों मे सिमट कर रह जाता है. डॉली रेँज, छकाता रेंज मे ऑफ़ सीजन मे भी खनिज का दोहन किया जाता है. छकाता रेंज मे खआनंद नवम्बर से जून जुलाई बरसात तक चलता है.

 

क्रशर ठेकेदार खनिज का एन ओ सी ले कर गौला के 33 लाख घन हैक्टेयर क्षेत्र मे खनिज का दोहन करते है. सुरक्षा के इंतजाम मे खनन विभाग कि मुस्तैदी देखने को मिलती है. डम्फर, बुग्गी की माइक्रो चिप से गौला मे निगरानी की जाती है. स्वयं भू खनन ठेकेदार और क्रशर ठेकेदारों मे वर्चस्व का भी अंदेशा रहता है. खनन पर सही निर्णात्मक कार्य नीति न होने से स्वयं भू ठेकेदार क्रशर के सामने हतोत्साहित है. क्रशर ठेकेदारो पर नियम कायदे सही से अमल मे नहीं लाये जा रहे है.

 

गौला 9 क्षेत्रो मे विभाजित की है. गौलपार का फांटा रेंज, शीशमहल का छकाता रेंज, आवलाचौकी का डॉली रेंज. मजदूर समिति के ठेकेदारों ने क्रशर के मनमाने रुख पर अनेको बार आपत्ति जताई, वही खनन विभाग की कानो मे जू तक नहीं रेंगी है. गौला मे पेड़ो के कटान और जे सी बी द्वारा क्रशर का मनमाना रवैया स्वयं भू ठेकेदारों के हित मे नहीं है.

रिपोर्टर विक्रम सिंह

K k sanjay
Author: K k sanjay

Leave a Comment

विज्ञापन
लाइव क्रिकेट स्कोर
error: Content is protected !!