सिंघिया पीएचसी बना नर्क, जलजमाव से मरीजों को आने-जाने में हो रही परेशानी
बिहार के समस्तीपुर जिले के सिंघिया प्रखंड स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में बारिश के बाद जलजमाव की समस्या गंभीर हो गई है। अस्पताल परिसर में पानी जमा होने से इलाज कराने आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति ऐसी है कि परिसर में पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है।
स्थानीय स्तर पर अस्पताल परिसर से पानी निकासी की व्यवस्था करने की मांग पहले भी उठाई जा चुकी है। रोसड़ा के विधायक बीरेंद्र कुमार कई बार सिंघिया पीएचसी का औचक निरीक्षण कर चुके हैं। निरीक्षण के दौरान उन्हें बारिश के समय होने वाले जलजमाव की समस्या से अवगत कराया गया था। बताया जाता है कि उस समय पानी निकासी और अस्पताल परिसर के सौंदर्यीकरण का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
वहीं, कुछ दिन पहले हसनपुर के विधायक राज कुमार राय भी अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे थे। उन्हें भी अस्पताल की समस्याओं से अवगत कराया गया और समाधान की उम्मीद जताई गई।
बताया जाता है कि सिंघिया पीएचसी की ओपीडी में प्रतिदिन 300 से अधिक मरीज इलाज कराने पहुंचते हैं। इसके अलावा प्रसव और अन्य आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं के लिए भी बड़ी संख्या में मरीज अस्पताल आते हैं। ऐसे में परिसर में जलजमाव रहने से मरीजों, गर्भवती महिलाओं और स्वास्थ्यकर्मियों को परेशानी उठानी पड़ती है।
अस्पताल की समस्याएं केवल जलजमाव तक सीमित नहीं हैं। भवन में भी लीकेज की समस्या बताई जा रही है। उल्लेखनीय है कि यह क्षेत्र दो लोकसभा क्षेत्रों से जुड़ा हुआ है और यहां के सांसद शांभवी चौधरी तथा राजेश वर्मा हैं। इसके बावजूद अस्पताल की बुनियादी सुविधाओं में सुधार की मांग उठ रही है।
स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि अस्पताल परिसर से जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था की जाएगी और भवन की मरम्मत कराकर मरीजों को राहत दी जाएगी।

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