सिंघिया प्रखंड में मनरेगा व जीविका भवन निर्माण में अनियमितता के आरोप, ग्रामीणों में आक्रोश, जांच की मांग
बिहार के समस्तीपुर जिले के सिंघिया प्रखंड में मनरेगा योजना एवं जीविका भवन निर्माण कार्य में कथित अनियमितताओं को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों ने संबंधित मामलों की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार, सिंघिया प्रखंड की जहांगीरपुर पंचायत अंतर्गत कोल्हुआघाट स्थित करेह नदी नहर में मनरेगा योजना के तहत उड़ाही (सफाई) कार्य में मजदूरों के बजाय जेसीबी मशीन का उपयोग किए जाने का आरोप है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय जेसीबी से कार्य कराया गया, जबकि मनरेगा योजना का उद्देश्य अधिक से अधिक मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराना है। हालांकि, अधिकांश ग्रामीण खुलकर बोलने से बच रहे हैं और दबी जुबान में ही अपनी बात रख रहे हैं।कार्य स्थल पर योजना बोर्ड तक नहीं लगाया गया है
वहीं, लिलहौल पंचायत में निर्मित जीविका भवन की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों एवं मयंक सिंह राजा का आरोप है कि भवन निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि भवन का प्लास्टर जगह-जगह से झड़ने लगा है तथा सीढ़ी की रेलिंग भी हिल रही है। इतना ही नहीं, भवन निर्माण पूरा होने के बावजूद इसे अब तक जीविका समूह को विधिवत सुपुर्द नहीं किया गया है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग के वरीय अधिकारियों से दोनों मामलों की निष्पक्ष जांच कराने तथा यदि अनियमितता पाई जाती है तो जिम्मेदार अधिकारियों एवं संवेदक के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।प्रखंड विकास पदाधिकारी विवेक रंजन ने उक्त जीविका भवन का जांच किए



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