एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ने पर सरकार का दावा, अब भी प्रति सिलेंडर 703 रुपये का हो रहा नुकसान
नई दिल्ली। घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) सिलेंडर की कीमतों में 29 रुपये की बढ़ोतरी के बाद केंद्र सरकार ने अपने फैसले का बचाव किया है। सरकार का कहना है कि कीमत बढ़ने के बावजूद भारत में एलपीजी सिलेंडर दुनिया के कई देशों की तुलना में सस्ता है और सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को अब भी प्रत्येक सिलेंडर पर लगभग 703 रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
सरकार के अनुसार दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत अब 942 रुपये हो गई है, जो पहले 913 रुपये थी। वहीं प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को सब्सिडी के बाद यह सिलेंडर 642 रुपये में उपलब्ध होगा।
केंद्र सरकार ने बताया कि पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक बाजार में एलपीजी की कीमतों में वृद्धि के कारण घरेलू गैस की आपूर्ति लागत 1,600 रुपये से अधिक पहुंच गई है। इसके बावजूद उपभोक्ताओं से केवल 942 रुपये ही वसूले जा रहे हैं, जबकि शेष लागत का बोझ सरकार और तेल कंपनियां वहन कर रही हैं।
सरकार के मुताबिक पिछले वित्त वर्ष में घरेलू एलपीजी पर तेल कंपनियों का कुल नुकसान लगभग 60,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इस नुकसान की आंशिक भरपाई के लिए केंद्र सरकार ने 30,000 करोड़ रुपये की सहायता देने को मंजूरी दी है।
वहीं, कीमत बढ़ोतरी को लेकर विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा है। समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय ने कहा कि चुनाव समाप्त होते ही सरकार ने आम जनता पर महंगाई का बोझ डालना शुरू कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के पास महंगाई नियंत्रित करने की कोई ठोस योजना नहीं है।
गौरतलब है कि इससे पहले मार्च महीने में भी घरेलू गैस सिलेंडर के दाम 60 रुपये बढ़ाए गए थे। इस तरह पिछले कुछ महीनों में एलपीजी सिलेंडर की कीमत कुल 89 रुपये बढ़ चुकी है।






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