बिहार के अररिया से रूह कंपा देनी वाली तस्वीर सामने आई है। यहां तीन युवकों को रस्सी से बांधकर पीटा जा रहा है। आरोप है कि दबंग मुखिया ने तीनों को रस्सी के जरिए खूंटे से बांध दिया था। इसके बाद उनकी बेरहमी से पिटाई की गई। चोरी के शक में तीनों युवकों को यह तालिबानी सजा दी गई। युवकों को रस्सी से बांधकर पीटने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वहीं, मुखिया ने अपनी सफाई में कहा है कि उन पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। घटना फारबिसगंज के मटियारी पंचायत की है। फारबिसगंज अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी राजकिशोर कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है, जो भी दोषी होंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फारबिसगंज थाना क्षेत्र की मटियारी पंचायत से कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला एक मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में तीन युवकों को चोरी के शक में खूंटे से बांधकर बेरहमी से पीटते हुए देखा जा रहा है। वीडियो में एक युवक खून से लथपथ नजर आ रहा है, जबकि अन्य दो युवकों की भी लाठियों से पिटाई की जा रही है।
चोरी करते पकड़ा तो खूंटे में बांधकर पीटा
वायरल वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि ग्रामीणों ने तीनों युवकों को चोरी के आरोप में पकड़ लिया था। इसके बाद उन्हें पुलिस के हवाले करने के बजाय कथित तौर पर मुखिया पति प्रदीप देव के कामत पर ले जाकर खूंटे से बांध दिया गया और लाठियों से उनकी जमकर पिटाई की गई। घटना का वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। लोगों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति पर अपराध का आरोप है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार केवल कानून और पुलिस को है। किसी भी व्यक्ति को बंधक बनाकर मारपीट करना कानून अपने हाथ में लेने जैसा गंभीर अपराध माना जाता है।
मामले की जांच में जुटी पुलिस
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। वायरल वीडियो की सत्यता, घटना के कारणों और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। जांच के बाद दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ विधि-सम्मत कार्रवाई की जाएगी। अब सभी की नजर पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है। इस मामले में मुखिया पति प्रदीप देव ने कहा, “मामला झूठा है, हमारी छवि को बदनाम किया जा रहा है। गांव में चोरी हुई है, गांव वालों ने चोर को पकड़ा है। हम थे भी नहीं।” हालांकि, वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि मुखिया के सामने चोर जमीन पर मार खाते-खाते गिर रहा है।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (डीएसपी) राजकिशोर कुमार ने बताया कि पीड़ित के आवेदन के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। वायरल वीडियो की सत्यता, घटना की परिस्थितियों और सभी आरोपों की गहन जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों, तकनीकी तथ्यों और गवाहों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच में दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई होगी।
सभी पहलुओं की जांच कर रही पुलिस
इस मामले में नामजद मुखिया प्रतिनिधि प्रदीप देव ने पूर्व में मीडिया के समक्ष अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया था। उन्होंने इसे अपनी छवि धूमिल करने की साजिश बताया था। पुलिस का कहना है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच की जा रही है। इस मामले में मटियारी पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि प्रदीप देव सहित चार लोगों को नामजद किया गया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित ने क्या बताया?
पुलिस के अनुसार, बथनाहा थाना क्षेत्र के बधुआ निवासी सोनू कुमार उर्फ चंदू शर्मा के आवेदन पर कांड संख्या 489/26 दर्ज की गई है। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि 27 जुलाई को मिक्सर ग्राइंडर मशीन की खरीद को लेकर हुए विवाद के बाद उन्हें मटियारी पंचायत के एक स्थान पर बुलाया गया था। सोनू शर्मा के मुताबिक, घटना स्थल पर पहले से ही दो अन्य युवकों की पिटाई की जा रही थी। इसके बाद उन्हें भी खूंटे से बांधकर लाठी-डंडों से पीटा गया, जिससे उनका एक हाथ फ्रैक्चर हो गया। उन्होंने बताया कि धमदाहा वार्ड संख्या-12 निवासी बिपिन राय और निक्कू राय भी इस घटना के पीड़ित हैं। एफआईआर में मटियारी पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि एवं श्रीराम सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रदीप देव, मोनू देव, नीकू देव और मुन्ना गामी को नामजद अभियुक्त बनाया गया है। इनके अलावा चार से पांच अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।
(अररिया से अरुण कुमार की रिपोर्ट)
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