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पटनाः बिहार के कई जिलों में भारी बारिश से जनजीवन पर असर पड़ा है। मुंगेर समेत कई जगहों पर नदी किनारे वाले कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात हैं। इस बीच मौसम विभाग ने अगले दो दिन कई जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। पटना स्थित मौसम केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार, सोमवार और मंगलवार को दरभंगा, मधुबनी, सुपौल, समस्तीपुर और सीतामढ़ी में भारी वर्षा की संभावना है। इस दौरान आंधी और बिजली गिरने की संभावना है। इन जिलों में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
मौसम विभाग ने बताया कि आठ सितंबर को गोपालगंज, सीवान और पश्चिम चंपारण जिलों में गरज-चमक के साथ भारी वर्षा की संभावना है। इस दौरान 40 किमी की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। विभाग के मुताबिक आकाशीय बिजली भी गिर सकती है। इसलिए बारिश के दौरान घर से बाहर न निकलें।
इन जिलो में भी होगी झमाझम बारिश
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढी, शिवहर, दरभंगा, समस्तीपुर,मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, मधेपुरा,सहरसा, रोहतास, भभुआ, भोजपुर, बक्सर, अरवल, औरंगाबाद, पटना, नालन्दा, जहानाबाद, नवादा, गया, लखीसराय, शेखपुरा, बेगुसराय, जमुई, बांका, खगड़िया और भागलपुर जिलों में झमाझम बारिश देखी जा सकती है।
कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात
भारी बारिश की वजह से प्रदेश की प्रमुख गंगा, गंडक और पुनपुन जैसी कई नदियां उफान पर हैं। कई जगहों पर नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। पटना जिले में पुनपुन नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद कई इलाकों में बाढ़ आ गई है। वहीं, वैशाली ज़िले के हाजीपुर में गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद लोग कई रियाहशी इलाके पानी में डूब गए हैं।
Image Source : PTIहाजीपुर में बाढ़ प्रभावित इलाकों में चल रही नाव
मुंगेर में गंगा अब खतरे के निशान से ऊपर
वहीं, मुंगेर में गंगा अब खतरे के निशान से 50 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। जलस्तर बढ़ने के साथ ही बाढ़ का संकट भी गहराता जा रहा है। शहर से लेकर गांव तक हर तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है। मुंगेर नगर निगम के वार्ड संख्या 40, 41 और 42—करबला, कासिम बाजार और चूआबाग की बड़ी आबादी बाढ़ की चपेट में है। कहीं घरों में तीन फीट तक पानी है, तो कहीं मुख्य सड़क से घर तक पहुंचने के लिए लोगों को जुगाड़ की नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि घाों केी छतें लोगों का नया ठिकाना बन गई हैं और कच्चे मकानों में रहने वाले परिवार सड़क पर आने को मजबूर हैं। जिले में आए बाढ़ ने 28 पंचायतों समेत निगम में कई वार्ड को प्रभावित कर रखा है। इस बाढ़ ने लगभग 40 हजार जनसंख्या को प्रभावित कर दिया है।
उधर, गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन भी अलर्ट मोड में है। जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर ने सभी संबंधित अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित और कटाव संभावित इलाकों में लगातार निगरानी रखने का निर्देश दिया है। नाव, मोटरबोट, लाइफ जैकेट, मेडिकल सुविधा दवाइयों, पेयजल और राहत सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है।
(मुंगेर से मो. इम्तियाज खान की रिपोर्ट के साथ)
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