Explore

Search

February 28, 2026 11:28 am

Bihar Legislative Assembly में धर्मांतरण मुद्दे पर हंगामा, कानून बनाने की मांग तेज

Bihar Legislative Assembly में धर्मांतरण मुद्दे पर हंगामा, कानून बनाने की मांग तेज

पटना | राजनीतिक अपडेट
बिहार विधानसभा में धर्मांतरण के मुद्दे पर जमकर हंगामा देखने को मिला। भाजपा के 18 विधायक सख्त कानून की मांग को लेकर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लेकर सदन में पहुंचे। इस दौरान भाजपा विधायक Jeevesh Mishra और राजद विधायक Alok Mehta के बीच तीखी बहस हो गई। स्थिति इतनी गरमा गई कि स्पीकर को दोनों का माइक बंद करना पड़ा, लेकिन दोनों सदस्य एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते रहे।
संविधान और धर्म परिवर्तन पर टकराव
जीवेश मिश्रा ने कहा कि संविधान जाति बदलने की अनुमति नहीं देता। इस पर आलोक मेहता ने आपत्ति जताते हुए कहा कि धर्म परिवर्तन धर्मनिरपेक्षता का हिस्सा है। इसी मुद्दे पर दोनों के बीच काफी देर तक बहस चलती रही।
अन्य राज्यों का हवाला, कड़े कानून की मांग
भाजपा विधायकों ने अपने प्रस्ताव में कहा कि उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और गुजरात सहित कई राज्यों में धर्म परिवर्तन के खिलाफ कड़े कानून लागू हैं। धोखाधड़ी, प्रलोभन और जबरन धर्मांतरण जैसे मामलों में 1 से 10 या 20 वर्ष तक की सजा और गैर-जमानती प्रावधान हैं।
विधायकों ने दावा किया कि बिहार में 5000 से अधिक चर्च स्थापित हो चुके हैं और राज्य में ईसाई आबादी की वृद्धि दर राष्ट्रीय औसत से काफी अधिक है। सीमावर्ती जिलों में मुस्लिम आबादी में भी अप्रत्याशित वृद्धि का आरोप लगाया गया। उन्होंने कहा कि SC/ST/EBC/OBC वर्ग की युवतियां कथित तौर पर ज्यादा प्रभावित हो रही हैं और अन्य राज्यों की तर्ज पर कानून बनाया जाना चाहिए।
सरकार का जवाब – कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं
गृह विभाग की ओर से मंत्री Arun Shankar Prasad ने स्पष्ट किया कि फिलहाल सरकार के पास धर्मांतरण के खिलाफ कानून बनाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
इस पर विपक्षी विधायकों ने कड़ा विरोध जताया।
स्पीकर ने समीक्षा की दी सलाह
विधानसभा अध्यक्ष Prem Kumar ने कहा कि सरकार इस विषय की समीक्षा करे और आवश्यकता हो तो कानून बनाने पर विचार करे।
‘लव जिहाद’ का भी उठा मुद्दा
विधायक संजय सिंह ने इसे “विचार परिवर्तन नहीं, राष्ट्रांतरण” बताया। वहीं जीवेश मिश्रा ने एक कथित मामले का जिक्र करते हुए इसे ‘लव जिहाद’ से जोड़ा और सख्त कानून की मांग दोहराई।
फिलहाल राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऐसा कोई विधेयक विचाराधीन नहीं है, लेकिन सदन में हुई तीखी बहस के बाद यह मुद्दा राजनीतिक रूप से और गरमा सकता है।

K k sanjay
Author: K k sanjay

Leave a Comment

विज्ञापन
लाइव क्रिकेट स्कोर
error: Content is protected !!