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September 19, 2026 1:01 pm

समस्तीपुर के शिवाजीनगर में 23 सितंबर को सजेगा मैथिली साहित्य का ग्रामलोक मंच

समस्तीपुर के शिवाजीनगर में 23 सितंबर को सजेगा मैथिली साहित्य का ग्रामलोक मंच

 

साहित्य अकादेमी और गाम घर के संयुक्त आयोजन में छह मैथिली कवि रचनापाठ करेंगे, ग्रामीण अंचल में साहित्यिक संवाद की नई पहल

समस्तीपुर/शिवाजीनगर। गांव की मिट्टी, लोकजीवन और मातृभाषा से साहित्य का रिश्ता हमेशा से गहरा रहा है। इसी रिश्ते को मजबूत करने और साहित्य को ग्रामीण समाज के बीच ले जाने की पहल के तहत समस्तीपुर के शिवाजीनगर में ‘ग्रामलोक’ (Gramalok) साहित्यिक कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। साहित्य अकादेमी, भारत सरकार और ‘गाम घर’, समस्तीपुर के संयुक्त तत्वावधान में यह कार्यक्रम 23 सितंबर 2026, बुधवार को दोपहर एक बजे प्रखंड विकास भवन, शिवाजीनगर में होगा।

कार्यक्रम में मैथिली साहित्य के छह रचनाकार अपनी कविताओं और रचनाओं का पाठ करेंगे। इनमें अनिरुद्ध झा दिवाकर, अमित कुमार मिश्रा, शेफालिका, राम स्वरूप साहनी ‘रोसड़ाई’, आशा कुमारी और वंदना चौधरी शामिल हैं। ग्रामीण परिवेश में आयोजित इस साहित्यिक कार्यक्रम के माध्यम से स्थानीय लोगों को मैथिली के समकालीन रचनाकारों को सुनने और साहित्य से सीधे जुड़ने का अवसर मिलेगा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता गाम घर के संरक्षक गोविन्द कुमार करेंगे। वहीं आयोजन के समन्वय में गाम घर के समन्वयक सह फ़िल्मकार एन. मंडल की भूमिका रहेगी। कार्यक्रम के समापन पर एन. मंडल द्वारा धन्यवाद ज्ञापन किया जाएगा।

‘ग्रामलोक’ की खास बात यह है कि साहित्यिक आयोजन को बड़े शहरों और पारंपरिक साहित्यिक केंद्रों से बाहर ग्रामीण क्षेत्र तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। शिवाजीनगर जैसे प्रखंड मुख्यालय में मैथिली साहित्य से जुड़े आयोजन का होना स्थानीय साहित्यप्रेमियों और युवा रचनाकारों के लिए भी संवाद का अवसर तैयार करता है।

मैथिली बिहार और मिथिला की महत्वपूर्ण साहित्यिक भाषाओं में शामिल है। कविता, कहानी और लोक-संस्कृति के माध्यम से इस भाषा की समृद्ध परंपरा लगातार आगे बढ़ रही है। ऐसे आयोजनों के जरिए स्थानीय समाज और नई पीढ़ी को अपनी भाषा-संस्कृति से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।

आयोजन को लेकर क्षेत्र के साहित्यप्रेमियों में उत्सुकता है। उम्मीद है कि कार्यक्रम में स्थानीय पाठक, युवा, साहित्यकार और संस्कृति से जुड़े लोग शामिल होंगे। ‘ग्रामलोक’ के जरिए शिवाजीनगर की धरती पर मैथिली कविता की आवाज गूंजेगी और ग्रामीण समाज में साहित्य को लेकर एक जीवंत संवाद का माहौल बनेगा।

K k sanjay
Author: K k sanjay

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