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October 31, 2026 6:01 pm

स्वच्छता को संस्कृति बनाने का संकल्प, अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी में बच्चों के सर्वांगीण विकास पर जोर

स्वच्छता को संस्कृति बनाने का संकल्प, अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी में बच्चों के सर्वांगीण विकास पर जोर

 

शिवाजीनगर

 

प्रखंड अंतर्गत सभी 125 प्रारंभिक विद्यालयों में शनिवार को प्रधानाध्यापक एवं प्रधान शिक्षक के नेतृत्व में अभिभावक शिक्षक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस बार संगोष्ठी की थीम ‘स्वच्छता हमारी संस्कृति’ रही। शिक्षा विभाग के वार्षिक कैलेंडर के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में बच्चों की स्वच्छता, स्वास्थ्य, पोषण, शैक्षणिक प्रगति और सर्वांगीण विकास पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही विद्यालय और अभिभावकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर बच्चों की शिक्षा के प्रति साझा जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया गया। संगोष्ठी में बच्चों को स्वस्थ रखने के लिए स्वच्छता की आदतें विकसित करने, पर्यावरण संरक्षण, जिम्मेदार व्यवहार तथा ई-कचरा प्रबंधन में विद्यालय और समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर चर्चा की गई। शिक्षकों ने अभिभावकों को बताया कि स्वच्छता केवल विद्यालय तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे बच्चों के दैनिक जीवन और संस्कारों का हिस्सा बनाना आवश्यक है।

शिक्षकों ने अभिभावकों से बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित कराने, समय पर विद्यालय भेजने तथा घर में पढ़ाई के लिए सकारात्मक माहौल उपलब्ध कराने की अपील की। बच्चों को विद्यालय भेजने से पहले पौष्टिक नाश्ता कराने पर भी जोर दिया गया। बताया गया कि स्वस्थ और पोषित बच्चे विद्यालय में अधिक सक्रिय रहते हैं तथा पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन करते हैं। संगोष्ठी में बच्चों के स्वास्थ्य, स्वच्छता, पोषण, अनुशासन, व्यवहार और सीखने की क्षमता पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रत्येक बच्चे की शैक्षणिक प्रगति की समीक्षा करते हुए कमजोर पढ़ाई वाले और कम उपस्थिति वाले बच्चों के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने पर विचार किया गया। अभिभावकों को बताया गया कि बच्चों की शिक्षा केवल विद्यालय की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि घर का सहयोग भी उतना ही महत्वपूर्ण है। विद्यालय और परिवार मिलकर बच्चों का मार्गदर्शन करें तो उनकी सीखने की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हो सकता है। इसके अलावा बच्चों की रुचि, प्रतिभा और व्यवहार संबंधी पहलुओं पर अभिभावकों से विचार-विमर्श किया गया, ताकि प्रत्येक बच्चे की आवश्यकता के अनुसार सहयोग उपलब्ध कराया जा सके। प्रधानाध्यापक बालमुकुंद सिंह, मोहम्मद अब्दुल्लाह, नीलू कुमारी, पिंकी कुमारी, बिहारी दास, देवानंद कामत, अरुण पासवान, मृत्युंजय राय, संतोष कुमार, अमित कुमार मिश्रा, संजीत कुमार, जहांआर प्रवीण, सरिता कुमारी, मोहम्मद जैनुद्दीन, मदन कुमार, उमेश प्रसाद राय, शांति भूषण, मृत्युंजय कुमार सिंह, अजय कुमार राय, राजकुमार राय, प्रमोद पासवान, प्रदीप कुमार, हीरानंद झा, सत्यनारायण आर्य, सुभाष सिंह, संजीव कुमार, रामबाबू सिंह, अवधेश चौधरी, सुदर्शन प्रसाद, राममिलन सहनी और अरुण कुमार सहित अन्य प्रधानाध्यापकों एवं प्रधान शिक्षकों के नेतृत्व में अपने-अपने विद्यालयों में संगोष्ठी आयोजित की गई। इसमें छात्र-छात्राओं के अभिभावक और शिक्षक मौजूद थे।

K k sanjay
Author: K k sanjay

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