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March 4, 2026 9:23 pm

सुल्तानगंज में श्मशान घाट पर संपत्ति विवाद में छह घंटे तक पड़ा रहा वृद्धा का शव

सुल्तानगंज में श्मशान घाट पर संपत्ति विवाद में छह घंटे तक पड़ा रहा वृद्धा का शव

सुल्तानगंज श्मशान घाट पर उस समय असामान्य स्थिति उत्पन्न हो गई जब एक वृद्ध महिला के अंतिम संस्कार के दौरान उसके पुत्रों के बीच संपत्ति को लेकर गंभीर विवाद छिड़ गया। परिणामस्वरूप, शव करीब छह घंटे तक बिना अग्नि संस्कार के श्मशान में पड़ा रहा। स्थानीय पुलिस के हस्तक्षेप के बाद ही अंतिम संस्कार संभव हो पाया।

मूल रूप से मुंगेर जिले के बरियारपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत नया छावनी की रहने वाली सुदामा देवी (84) का शनिवार की रात करीब 9:30 बजे निधन हो गया था। उनका शव रविवार को सुल्तानगंज श्मशान घाट लाया गया था।

सुदामा देवी के कुल आठ पुत्र थे, जिनमें से दो की पूर्व में मृत्यु हो चुकी है। शेष छह जीवित पुत्रों के नाम हैं:

अरुण कुमार यादव
बरुण कुमार यादव
सुनील कुमार यादव
लाल मोहन यादव
सत्य नारायण यादव
रतन लाल यादव
श्मशान में फूटा पारिवारिक कलह

जब अंतिम संस्कार की तैयारी हो रही थी, तभी छोटे पुत्र लाल मोहन यादव ने संपत्ति के बंटवारे को लेकर अन्य भाइयों से बहस शुरू कर दी। देखते-देखते मामला बढ़ गया और भाइयों के बीच वाद-विवाद ने गंभीर रूप ले लिया। परिणामस्वरूप, कोई भी व्यक्ति मुखाग्नि देने को तैयार नहीं हुआ, जिससे स्थिति बेहद संवेदनशील बन गई।

घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय लोग बड़ी संख्या में श्मशान घाट पर इकट्ठा हो गए। लेकिन माहौल तनावपूर्ण बना रहा।

पुलिस की सक्रियता से सुलझा मामला

घटना की जानकारी मिलते ही बरियारपुर थानाध्यक्ष मृत्युंजय कुमार श्मशान घाट पहुंचे। उन्होंने सभी पुत्रों, विशेषकर लाल मोहन यादव को शांतिपूर्वक समझाते हुए उन्हें पुत्रधर्म और जिम्मेदारी का बोध कराया। लंबे संवाद और समझाइश के बाद लाल मोहन ने अंततः मुखाग्नि देने पर सहमति जताई।

रविवार रात 8:00 बजे, मंझले पुत्र लाल मोहन यादव द्वारा सुदामा देवी को मुखाग्नि दी गई और दाह संस्कार विधिपूर्वक सम्पन्न हुआ

K k sanjay
Author: K k sanjay

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