*लनामिवि, दरभंगा के एनएसएस कोषांग द्वारा बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सौजन्य से 200 स्वयंसेवकों का चौथा प्रशिक्षण शिविर संपन्न*
*परीक्षा, अनुशासन आदि ओवरऑल परफॉर्मेंस के आधार पर लालू प्रसाद यादव- प्रथम, श्रुति सिन्हा-द्वितीय एवं सुरभि कुमारी ने पाया तृतीय स्थान*
*चार बैचों में दरभंगा, मधुबनी एवं समस्तीपुर के विभिन्न कॉलेजों के 800 एनएसएस स्वयंसेवकों ने लिया ‘युवा आपदा मित्र’ का आवासीय प्रशिक्षण*
ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के कुलपति प्रोफेसर संजय कुमार चौधरी के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय सेवा योजना कोषांग के तत्वावधान में बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, पटना के सौजन्य चौथे सात दिवसीय ‘आवासीय आपदा प्रशिक्षण शिविर’ का समापन समारोह जुबिली हॉल में संपन्न हुआ, जिसमें डीएसडब्ल्यू प्रो अशोक कुमार मेहता-अध्यक्ष, भू- संपदा पदाधिकारी डॉ कामेश्वर पासवान-सम्मानित अतिथि, शिविर संयोजक डॉ आर एन चौरसिया- स्वागत एवं शिविर प्रतिवेदन प्रस्तुत कर्ता, एसडीआरएफ टीम के मुख्य प्रशिक्षक रूपेश कुमार पासवान- मुख्य वक्ता, एनएसएस पदाधिकारी डॉ रीता कुमारी- धन्यवाद कर्ता एवं वरिष्ठ स्वयंसेवक अक्षय कुमार झा ने संचालक के रूप में, जबकि स्वयंसेवकों की ओर से अनुष्का कुमारी एवं प्रियांशु प्रियदर्शी आदि ने अपना विचार व्यक्त किया। इस अवसर पर अतिथियों के साथ ही एसडीआरएफ की ओर से पंकज कुमार, राजू कुमार, संतोष कुमार, पूजा कुमारी, प्रीति कुमारी, सच्चिदानन्द कुमार एवं मिथिलेश तिवारी आदि को पाग, चादर एवं मोमेंटो आदि से सम्मानित किया गया। समारोह में डॉ योगेश्वर साह, डॉ दिलीप कुमार झा, मुकेश कुमार झा, मणिकांत ठाकुर, अंकिता, अमित कुमार, रवीन्द्र कुमार, विकास, सुमित, प्रशांत, सदर अस्पताल, दरभंगा के 5 सदस्य, अग्निशमन दल के तीन सदस्य, बिहार पुलिस के 6 सदस्य तथा विश्वविद्यालय गार्ड छह सदस्य आदि ने सराहनीय सहयोग किया। सभी शिविरों कुलपति के निर्देशानुसार 200 स्वयंसेवकों के बीच आयोजित जांच परीक्षा, अनुशासन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों आदि के आधार पर टॉप 20 स्वयंसेवकों का चयन किया गया, जिनमें पीजी गणित के लालू प्रसाद यादव-प्रथम, जीकेपीडी, करपुरीग्राम की श्रुति सिन्हा-द्वितीय एवं डेब्लूआईटी, दरभंगा की सुरभि कुमारी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया, जिन्हें प्रमाण पत्र के साथ रैक मोमेंटो से सम्मानित किया गया। वहीं प्रतिभा रानी-चतुर्थ, आदर्श कुमार-पंचम, स्वाति कुमारी- छठा, लक्ष्मी कुमारी- सातवां, साजिया नाज-आठवां, आयुष्मान कुमार-नवम, अनुष्का कुमारी-दशम, प्रत्यूष कुमार-11वां, सुनील कुमार दास-12वां, निखिल कुमार पासवान-13वां, सिंटू कुमार- 14वां, आलोक कुमार-15 वां, गणेश कुमार-16वां, प्रियांशु प्रियदर्शी- सतरहवां, संजीत कुमार-18वां, उमाशंकर कुमार-19वां तथा पूजा मुखिया ने 20 वां स्थान प्राप्त किया, जिन्हें मोमेंटो तथा प्रमाण पत्र से सम्मानित किया गया, जबकि शेष 180 स्वयंसेवकों को भी प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।
अध्यक्षीय संबोधन में प्रो अशोक कुमार मेहता ने कहा कि ‘युवा आपदा प्रशिक्षण’ सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है जो काफी सफल एवं समाजोपयोगी है। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा चार सीटों में 800 स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण सफलतापूर्वक सम्पन्न होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए स्वयंसेवकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने आह्वान किया कि प्रशिक्षित युवा अपने परिवार, पड़ोसियों, मित्रों, परिचितों एवं सहपाठियों को भी आपदा का प्रशिक्षण दें। विशिष्ट वक्ता डॉ कामेश्वर पासवान ने प्रशिक्षकों एवं प्रशिक्षुओं की तारीफ करते हुए कहा कि प्रशिक्षण से तैयार 800 आपदा मित्रों से मिथिला के दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर एवं आसपास के क्षेत्रों में आपदाओं को न्यूनीकरण करने में काफी मदद मिलेगा। कहा कि युवा आपदा मित्र समाज के जागरूक रक्षक एवं कल्याणकर्ता के रूप में जाने जाएंगे। मुख्य प्रशिक्षक रूपेश कुमार पासवान ने कहा कि यदि हर प्रशिक्षित स्वयंसेवक एक-एक को प्रशिक्षित करें तो बड़ा चैन बन जाएगा और पूरा समाज एवं राज्य आपदा प्रबंधन हेतु प्रशिक्षित हो जाएंगे। कहा कि यदि हम किसी व्यक्ति की जान बचाते हैं तो हमें काफी सुकून मिलता है और हममें काफी आत्मविश्वास का भाव जागृत होता है। मुझे प्रसन्नता है कि मैंने यहां चारों शिविरों में प्रशिक्षक के रूप में 800 स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित करने का सुअवसर प्राप्त हुआ। अतिथि स्वागत एवं शिविर प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए संयोजक डॉ आर एन चौरसिया ने कहा कि शिविर में प्रथम दिन के रजिस्ट्रेशन काल से सप्तम दिन के प्रमाण पत्र वितरण तक के 7 दिनों में संचालित शेड्यूल का पूर्ण विवरण प्रस्तुत करते हुए बताया कि स्वयंसेवकों को प्रातः 6 से 7 बजे के बीच पीटी, योग एवं प्राणायाम का अभ्यास तथा ब्रेकफास्ट के बाद 9:30 से 5:30 बजे तक आपदा प्रबंधन का वर्ग संचालन हुआ, जबकि 6:30 से 7:30 बजे के बीच सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन प्रतिदिन किया गया। स्वयंसेवकों को रहने, भोजन एवं प्रशिक्षण की व्यवस्था विश्वविद्यालय परिसर में ही की गई। सभी 800 स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण का प्रमाण पत्र, शैक्षणिक किट तथा आपदा विभाग द्वारा उपलब्ध आपदा किट का वितरण भी किया गया। उन्होंने बताया कि अंतिम शिविर में मुख्य रूप से दरभंगा, मधुबनी एवं समस्तीपुर के 200 स्वयंसेवकों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का सफल संचालन वरिष्ठ स्वयंसेवक अक्षय कुमार झा ने, जबकि धन्यवाद ज्ञापन एम के कॉलेज, लहेरियासराय की एनएसएस पदाधिकारी डॉ रीता कुमारी ने किया।

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